हेल्थ डेस्क। दिनभर काम करने, तनाव, नींद की कमी या थकान के बाद सिरदर्द होना आम बात है। लेकिन जब सिर में तेज दर्द के साथ मतली, उल्टी या रोशनी और आवाज से परेशानी होने लगे, तो यह माइग्रेन का संकेत भी हो सकता है। सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन के लक्षण कई बार एक जैसे लगते हैं, लेकिन इनके दर्द की प्रकृति, तीव्रता और साथ दिखाई देने वाले लक्षणों में अंतर होता है।
सामान्य सिरदर्द क्या है?
सिरदर्द कई कारणों से हो सकता है। इनमें तनाव, थकान, नींद की कमी, आंखों पर जोर पड़ना और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव शामिल हैं। तनाव से जुड़े सिरदर्द को टेंशन-टाइप हेडेक कहा जाता है।
इस तरह के सिरदर्द में अक्सर सिर के दोनों तरफ दबाव या कसाव महसूस होता है। कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे सिर के चारों ओर कोई पट्टी बंधी हो। दर्द आमतौर पर हल्का या मध्यम हो सकता है, हालांकि इसकी तीव्रता व्यक्ति के अनुसार बदलती है।
माइग्रेन क्या है?
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें बार-बार सिरदर्द के दौरे पड़ सकते हैं। इसमें दर्द अक्सर सिर के एक तरफ होता है और धड़कन जैसा महसूस हो सकता है। हालांकि, कुछ लोगों में सिर के दोनों तरफ भी दर्द हो सकता है।
माइग्रेन के दौरान दर्द मध्यम से गंभीर हो सकता है। चलने, सीढ़ियां चढ़ने या रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियों से दर्द बढ़ सकता है। इसके साथ मतली, उल्टी और तेज रोशनी या आवाज के प्रति संवेदनशीलता भी हो सकती है।
माइग्रेन का एक अटैक आमतौर पर 4 से 72 घंटे तक रह सकता है। इसकी अवधि और लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।
सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन में प्रमुख अंतर
दोनों स्थितियों के बीच कुछ सामान्य अंतर इस प्रकार हैं:
- दर्द की प्रकृति: तनाव से जुड़े सिरदर्द में अक्सर दबाव या कसाव महसूस होता है, जबकि माइग्रेन में दर्द धड़कता हुआ हो सकता है।
- दर्द की जगह: सामान्य सिरदर्द अक्सर सिर के दोनों तरफ महसूस होता है। माइग्रेन में यह प्रायः एक तरफ होता है, लेकिन दोनों तरफ भी हो सकता है।
- दर्द की तीव्रता: टेंशन-टाइप सिरदर्द आमतौर पर हल्का या मध्यम होता है। माइग्रेन का दर्द मध्यम से गंभीर हो सकता है।
- अन्य लक्षण: माइग्रेन के साथ मतली, उल्टी और रोशनी या आवाज से परेशानी हो सकती है। सामान्य तनाव वाले सिरदर्द में ये लक्षण आमतौर पर नहीं होते।
- दैनिक गतिविधियां: माइग्रेन में सामान्य गतिविधियों से दर्द बढ़ सकता है, जबकि टेंशन-टाइप सिरदर्द में ऐसा होना कम सामान्य है। <
माइग्रेन कितने प्रकार का होता है?
माइग्रेन को आम तौर पर दो प्रमुख श्रेणियों में समझा जाता है—ऑरा के बिना माइग्रेन और ऑरा के साथ माइग्रेन।
1. ऑरा के बिना माइग्रेन: इसमें सिरदर्द के साथ मतली, उल्टी या रोशनी और आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसे लक्षण हो सकते हैं। हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई देना जरूरी नहीं है।
2. ऑरा के साथ माइग्रेन: इसमें सिरदर्द से पहले या कभी-कभी सिरदर्द के बिना भी कुछ अस्थायी दृश्य, संवेदनात्मक या बोलने से संबंधित लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसे ऑरा कहा जाता है।
ऑरा के दौरान कुछ लोगों को आंखों के सामने चमकती रोशनी, धब्बे या टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिखाई दे सकती हैं। कुछ लोगों को हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो सकता है अथवा बोलने में परेशानी हो सकती है। सामान्य ऑरा के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और आमतौर पर 5 से 60 मिनट तक रहते हैं।
इन संकेतों से पहचानें माइग्रेन का अटैक
माइग्रेन की आशंका होने पर इन लक्षणों पर ध्यान दिया जा सकता है:
- सिर में मध्यम से तेज दर्द होना।
- सिर के एक तरफ धड़कन जैसा दर्द महसूस होना।
- रोशनी, तेज आवाज या कुछ गंधों से परेशानी होना।
- मतली या उल्टी महसूस होना।
- चलने-फिरने या सामान्य शारीरिक गतिविधि से दर्द बढ़ना।
- दर्द के कारण काम करने, पढ़ने या सामान्य दिनचर्या निभाने में परेशानी होना।
- कुछ मामलों में सिरदर्द से पहले चमकती रोशनी या हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसे ऑरा के लक्षण दिखाई देना।
इनमें से कुछ लक्षण होने का मतलब अपने आप माइग्रेन की पुष्टि नहीं है। सही पहचान के लिए डॉक्टर लक्षणों, उनकी अवधि और व्यक्ति के चिकित्सकीय इतिहास का आकलन करते हैं।
सिरदर्द होने पर कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि सिरदर्द बार-बार हो रहा है, पहले से ज्यादा गंभीर हो रहा है, सामान्य कामकाज प्रभावित कर रहा है या लंबे समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
यदि सिरदर्द अचानक शुरू हो और असहनीय हो, या उसके साथ बोलने में परेशानी, भ्रम, बेहोशी, दौरा, दृष्टि में अचानक बदलाव अथवा शरीर के एक तरफ कमजोरी हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ऐसे लक्षणों को केवल माइग्रेन समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
