यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थी। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं।
जयराम रमेश ने वीडियो साझा कर दिखाई भीड़
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर रामलीला मैदान का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि रैली अभी शुरू भी नहीं हुई है, लेकिन मैदान में बड़ी संख्या में लोग पहुंच चुके हैं।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से भी वीडियो साझा किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से कई लोगों के नाम कथित साजिश के तहत हटाए गए हैं। कांग्रेस के मुताबिक, इन मतदाताओं के नाम और मुद्दे को लेकर लोग रैली में पहुंचे।
10 लाख लोगों के आने की थी आयोजकों की उम्मीद
रैली में भीड़ को लेकर आयोजकों और पुलिस के अनुमान में बड़ा अंतर था। INDIA गठबंधन के नेताओं ने कार्यक्रम में 10 लाख तक लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई थी, जबकि दिल्ली पुलिस ने करीब 50 हजार लोगों के आने का अनुमान लगाया था।
रैली के दौरान हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी रामलीला मैदान पहुंचे। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में कुल उपस्थित लोगों की कोई आधिकारिक अंतिम गिनती सामने नहीं आई है।
सुरक्षा के लिए 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कंपनियों के साथ 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया था। निगरानी के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
छात्रों, युवाओं और श्रमिकों से शामिल होने की अपील
INDIA गठबंधन ने रैली में छात्रों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और नागरिक समाज के सदस्यों से शामिल होने की अपील की थी। कुछ छात्र संगठनों ने भी कार्यक्रम को समर्थन दिया। वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के लिए मुख्य मंच पर तिरंगे की थीम वाला बड़ा शामियाना लगाया गया था, जबकि गठबंधन की प्रदेश इकाइयों के प्रतिनिधियों के लिए अलग मंच तैयार किया गया था।
मतदाता सूची के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से टकराव
INDIA गठबंधन के दल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे उनके मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग विपक्ष के आरोपों को खारिज करता रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है।
