कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज अंतर्गत तेलियामार गांव में गुरुवार देर रात हाथियों के एक बड़े झुंड के पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। हाथियों ने दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल की बाउंड्रीवॉल तोड़ दी और परिसर में लगे बगीचे को नुकसान पहुंचाया। घटना के समय छात्रावास में करीब 160 बच्चे मौजूद थे, जो हाथियों की चिंघाड़ और दीवार टूटने की आवाज से डर गए।
हॉस्टल की बाउंड्री तोड़कर परिसर में घुसे हाथी
जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड रात के समय तेलियामार गांव पहुंचा। इस दौरान हाथियों ने दीपक मिशन स्कूल के छात्रावास की बाउंड्रीवॉल को तोड़ दिया और परिसर में प्रवेश कर गए। हाथियों ने वहां लगे बगीचे को भी रौंदकर नुकसान पहुंचाया।
हाथियों की तेज आवाज और दीवार टूटने की आहट से हॉस्टल में सो रहे बच्चों की नींद खुल गई। अचानक हुई इस घटना से बच्चे घबरा गए और परिसर में चीख-पुकार मच गई। राहत की बात यह रही कि हाथी हॉस्टल भवन के भीतर नहीं घुसे।
मकान और धान की फसल को भी नुकसान
तेलियामार गांव में हाथियों ने स्कूल परिसर के अलावा एक स्थानीय किसान के मकान को भी नुकसान पहुंचाया। इसके साथ ही आसपास के खेतों में तैयार धान की फसल को रौंद दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों की आवाजाही से बड़े क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है। धान की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने हाथियों से फसलों और घरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
कटघोरा वन मंडल में 57 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के अनुसार, कटघोरा वन मंडल क्षेत्र में कुल 57 हाथियों की मौजूदगी बताई गई है। इनमें से करीब 53 हाथी पसान क्षेत्र के आसपास विचरण कर रहे हैं। हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
विभाग की टीम ने तेलियामार सहित आसपास के 10 संवेदनशील गांवों में मुनादी कराई है। ग्रामीणों को रात के समय घरों से बाहर निकलने और जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है। धान की फसल तैयार होने के कारण खेतों में जाने वाले किसानों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
गज संकेत ऐप से ग्रामीणों को भेजे जा रहे अलर्ट
वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए गज संकेत ऐप के माध्यम से मोबाइल पर अलर्ट भेज रहा है। विभाग के मुताबिक, क्षेत्र में निगरानी के लिए दिन और रात में दो वाहन तथा दो विशेष दल तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा कटघोरा स्थित केंद्रीय हाथी निगरानी केंद्र से सरपंचों, सचिवों और ग्रामीणों को फोन के माध्यम से भी सतर्क किया जाता है। वन विभाग का कहना है कि समय पर सूचना पहुंचाकर मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
हाथी मित्र दल और वन अमले ने संभाला मोर्चा
कटघोरा वन मंडल अधिकारी उपाध्याय जितेंद्र कुमार के मुताबिक, जंगल की ओर से एक हाथी हॉस्टल तक पहुंच गया था। हाथी मित्र दल, ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों की मदद से उसे सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेज दिया गया।
अधिकारी के अनुसार, इस घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। विभाग ने आसपास के गांवों में निगरानी जारी रखने और ग्रामीणों तक जरूरी चेतावनी पहुंचाने की बात कही है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
तेलियामार और आसपास के गांवों में हाथियों की मौजूदगी के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से कहा गया है कि हाथियों के करीब जाने, उन्हें भगाने की कोशिश करने या उनके रास्ते में आने से बचें। हाथियों की गतिविधि दिखाई देने पर वन विभाग को सूचना दें।
