NASA ने Artemis II मिशन के दौरान चांद के पास से जुटाया गया 800GB से ज्यादा वैज्ञानिक डेटा सार्वजनिक कर दिया है। 7 अक्टूबर को जारी इस डेटा में अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा ली गई तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग, लिखित टिप्पणियां और चंद्र सतह से जुड़े वैज्ञानिक अवलोकन शामिल हैं। NASA के मुताबिक यह डेटा दुनियाभर के वैज्ञानिकों और आम लोगों के लिए आगे अध्ययन के लिए उपलब्ध कराया गया है।
इस रिलीज में 11,000 से ज्यादा फुल-रिजॉल्यूशन तस्वीरें और वीडियो, करीब 8.5 घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग और अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा एनोटेट की गई तस्वीरें शामिल हैं। NASA ने Artemis II Preliminary Lunar Science Report और अन्य तकनीकी दस्तावेज भी जारी किए हैं।
इंसानी आंखों से चांद को समझने का अनोखा डेटा
Artemis II के चार अंतरिक्ष यात्रियों—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन—ने अप्रैल 2026 में चांद के चारों ओर उड़ान भरी थी।
मिशन के दौरान क्रू ने चंद्र सतह की तस्वीरें लेने के साथ-साथ अपने वास्तविक समय के वैज्ञानिक अवलोकन भी रिकॉर्ड किए। NASA के अनुसार यह छह दशक से ज्यादा समय में ऐसा पहला प्रमुख planetary science dataset है, जिसे मुख्य रूप से इंसानों ने चांद के पास जाकर अपनी आंखों और आवाज के जरिए तैयार किया है।
चांद की सतह के रंगों को लेकर अहम जानकारी
Artemis II के अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की सतह पर दिखाई देने वाले अलग-अलग रंगों और उनकी तीव्रता का भी वर्णन किया। अलग-अलग स्थानों पर उन्होंने भूरे, टैन और हरे जैसे रंगों का उल्लेख किया।
वैज्ञानिकों के लिए ये observations इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरें हमेशा यह नहीं बतातीं कि चांद की सतह मानव आंखों को वास्तविक परिस्थितियों में कैसी दिखाई देती है।
अंधेरे क्रेटर और बदलती रोशनी से मिली अहम जानकारी
मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा के उन हिस्सों का भी निरीक्षण किया जहां रोशनी और छाया का अंतर काफी ज्यादा था। जैसे-जैसे Orion spacecraft की स्थिति और सूर्य का कोण बदलता गया, कुछ क्रेटरों और सतह की दृश्यता भी बदलती नजर आई।
यह जानकारी भविष्य के उन मिशनों के लिए उपयोगी हो सकती है जिनमें अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की सतह पर उतरकर चलना होगा। खासकर चंद्र ध्रुवों के आसपास कम रोशनी वाले क्षेत्रों में क्रेटर, चट्टानों और दूसरे संभावित खतरों को पहचानना महत्वपूर्ण होगा।
चांद पर दिखे माइक्रोमीटियोराइट इम्पैक्ट फ्लैश
Artemis II के क्रू ने चांद के अंधेरे हिस्से पर छोटे-छोटे चमकीले फ्लैश भी देखे। NASA के अनुसार ये इम्पैक्ट फ्लैश चंद्र सतह से टकराने वाले चट्टानी टुकड़ों के कारण पैदा हुए थे।
अंतरिक्ष यात्रियों ने ऐसे पांच बेहद हल्के प्रकाशीय फ्लैश को नोट किया और उनकी संभावित जगहों को तस्वीरों पर चिह्नित किया।
Artemis II ने इंसानों को कितनी दूर तक पहुंचाया
Artemis II अप्रैल 2026 में चांद के चारों ओर उड़ान भरने वाला मानवयुक्त मिशन था। चार अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft से चांद तक गए और फिर पृथ्वी पर लौटे।
मिशन का मुख्य उद्देश्य गहरे अंतरिक्ष में इंसानों को सुरक्षित रखने की Orion प्रणाली की क्षमता का परीक्षण करना था। इसके साथ ही क्रू ने चांद से जुड़ी वैज्ञानिक observations भी जुटाईं।
NASA के मुताबिक मिशन के दौरान Orion की लेजर कम्युनिकेशन प्रणाली ने पृथ्वी और spacecraft के बीच 484GB से ज्यादा डेटा ट्रांसफर किया था।
Artemis III समेत भविष्य के मिशनों में काम आएगा डेटा
NASA का कहना है कि Artemis II से मिले डेटा का इस्तेमाल भविष्य के चंद्र मिशनों की योजना बनाने में किया जा रहा है। तस्वीरों, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अंतरिक्ष यात्रियों की टिप्पणियों को पुराने Apollo मिशनों तथा robotic spacecraft से मिले डेटा के साथ मिलाकर चांद की सतह को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है।
इस डेटा से वैज्ञानिकों को चांद की सतह, रोशनी, रंग, क्रेटर और दूसरे भूगर्भीय features को इंसानी नजरिए से समझने का नया अवसर मिला है। NASA इसे भविष्य में लंबे समय तक चलने वाले lunar exploration missions की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण dataset के तौर पर देख रहा है।
