महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप सिंडिकेट मामले में टीवी प्रेजेंटर और बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा को लेकर नया अपडेट सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताजा चार्जशीट के मुताबिक, शेफाली बग्गा ने पूछताछ के दौरान 1.20 करोड़ रुपये स्वेच्छा से ED को सौंप दिए हैं। एजेंसी का आरोप है कि उन्हें बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े प्रमोशनल वीडियो बनाने के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये मिले थे।
ED की चार्जशीट में 1.50 करोड़ रुपये का जिक्र
ED के मुताबिक, शेफाली बग्गा को महादेव बेटिंग सिंडिकेट के प्रमोशन के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। मई में दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई तलाशी के दौरान एजेंसी ने 30 लाख रुपये नकद बरामद करने की बात कही है।
इसके बाद पूछताछ के दौरान बग्गा ने कथित तौर पर बाकी 1.20 करोड़ रुपये ED को सौंपने की इच्छा जताई। इस तरह एजेंसी के अनुसार उनसे जुड़ी कुल 1.50 करोड़ रुपये की राशि जांच के दायरे में आई है।
शेफाली ने अवैध गतिविधियों की जानकारी से किया इनकार
पूछताछ के दौरान शेफाली बग्गा ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ी कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनकी भूमिका सोशल मीडिया पर कुछ ब्रांड्स के प्रमोशन तक सीमित थी और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि संबंधित प्लेटफॉर्म अवैध गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
बग्गा ने जांच में सहयोग करने की बात भी कही है। इससे पहले जुलाई 2026 में ED ने उनसे रायपुर कार्यालय में पूछताछ की थी।
मई में हुई थी दिल्ली और मुंबई में तलाशी
ED ने मई में शेफाली बग्गा से जुड़े दिल्ली और मुंबई के ठिकानों पर तलाशी ली थी। दिल्ली स्थित आवास से 30 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात एजेंसी की चार्जशीट में कही गई है।
इसके अलावा जुलाई में उनके पिता और भाई से भी ED ने पूछताछ कर बयान दर्ज किए थे। मामले की जांच में एजेंसी उनके कथित प्रमोशनल कनेक्शन और संबंधित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
महादेव ऐप की जांच में कई नाम
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच लंबे समय से ED समेत केंद्रीय एजेंसियों के दायरे में है। ED की ताजा चार्जशीट में 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी के तौर पर नामित किए जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का आरोप है कि बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े पैसों को अलग-अलग माध्यमों से इधर-उधर किया गया।
जांच का दायरा मनोरंजन जगत से जुड़े कुछ लोगों तक भी पहुंच चुका है। एजेंसी इससे पहले बेटिंग प्लेटफॉर्म के कथित प्रमोशन और सिंडिकेट से जुड़े लोगों के साथ संपर्क को लेकर कई हस्तियों से पूछताछ कर चुकी है।
पैसे लौटाने से मामला खत्म नहीं होगा
कानूनी जानकारों के मुताबिक, जांच एजेंसी को रकम सौंपना अपने आप में किसी व्यक्ति को मामले से पूरी तरह मुक्त नहीं करता। शेफाली बग्गा के मामले में भी आगे की कानूनी स्थिति ED की जांच और अदालत में चलने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
फिलहाल एजेंसी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों, प्रमोशनल गतिविधियों और रकम के स्रोत की जांच कर रही है। वहीं, बग्गा ने बेटिंग ऐप की कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी होने से इनकार किया है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
