छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में तेज और पटाखे जैसी आवाज निकालने वाले मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। अभियान के तहत जब्त किए गए 800 साइलेंसरों को रोड रोलर से कुचलकर नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई अंबिकापुर स्थित रक्षित केंद्र में की गई। पुलिस का उद्देश्य ऐसे साइलेंसरों के इस्तेमाल से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाना और आम लोगों को अनावश्यक शोर से राहत दिलाना है।
डीआईजी और एसएसपी के निर्देश पर चला अभियान
सरगुजा पुलिस ने डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान जब्त किए गए 800 साइलेंसरों को रक्षित केंद्र अंबिकापुर में रोड रोलर चलाकर नष्ट किया गया।
इन साइलेंसरों का इस्तेमाल बुलेट समेत अन्य दोपहिया वाहनों में तेज और पटाखे जैसी आवाज निकालने के लिए किया जाता था। ऐसे उपकरणों के कारण सड़क पर चलने वाले लोगों के साथ आसपास रहने वाले नागरिकों को भी तेज शोर का सामना करना पड़ता है।
ऑटो पार्ट्स दुकानदारों और मैकेनिकों को चेतावनी
पुलिस ने ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाने वालों, मैकेनिकों और गैरेज संचालकों को भी नियमों का पालन करने की हिदायत दी है। उन्हें अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों की बिक्री करने और वाहनों में ऐसे साइलेंसर लगाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर ऐसे साइलेंसर बेचने या वाहनों में लगाने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने की कोशिश
मॉडिफाइड साइलेंसरों से निकलने वाली तेज आवाज ध्वनि प्रदूषण बढ़ाने के साथ आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरगुजा पुलिस ने वाहन चालकों के साथ-साथ साइलेंसर बेचने और लगाने वाले कारोबारियों को भी चेतावनी दी है।
पुलिस की इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वाहनों में नियमों के विरुद्ध बदलाव करने और अनावश्यक शोर फैलाने वाले उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बरती जाएगी।
