छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के गुरमा गांव में कच्चा कुआं धंसने से मलबे में दबे 55 वर्षीय ग्रामीण सोनसाय मंझवार का शव 72 घंटे बाद बरामद किया गया। श्यांग थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद SDRF और जिला आपदा प्रबंधन की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी थी।
शनिवार शाम करीब 5 बजे बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद सोनसाय का शव बाहर निकाला।
पानी निकालते समय अचानक धंसी जमीन
जानकारी के मुताबिक, घटना 1 अक्टूबर की दोपहर करीब 2 बजे हुई। सोनसाय अपनी बाड़ी में बने कुएं से पानी निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक कुएं के आसपास की जमीन धंस गई और कुएं की मुंडेर समेत बड़ी मात्रा में मिट्टी उनके ऊपर आ गिरी।
मलबे में दबने के बाद सोनसाय करीब 15 फीट नीचे फंस गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। शुरुआती स्तर पर स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन भारी मलबे के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
बारिश से कमजोर हुई थी जमीन
अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कुएं के आसपास की जमीन कमजोर और खोखली हो गई थी। यह कुआं वर्ष 2017 में शासकीय योजना के तहत बनाया गया था और कच्ची मिट्टी वाले इलाके में स्थित था।
बाद में रेस्क्यू ऑपरेशन की जिम्मेदारी बिलासपुर SDRF और कोरबा नगर सेना की आपदा प्रबंधन टीम को दी गई। बचाव दल ने जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से कुएं के आसपास बड़े स्तर पर खुदाई शुरू की।
30 फीट गहराई में मिला शव
रेस्क्यू टीम ने कुएं के चारों ओर करीब 50 फीट के दायरे में खुदाई की। करीब 30 फीट की गहराई तक पहुंचने के बाद शनिवार शाम सोनसाय का पार्थिव शरीर बरामद किया गया।
श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे के अनुसार, करीब 72 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव को बाहर निकालकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
