
वाहन रोकने के दौरान हुआ हादसा
पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की ओर से अवैध शराब से भरा वाहन इंदौर होते हुए गुजरात जा रहा है। इसके बाद देवास SP आदित्य मिश्रा ने पांच से अधिक पुलिस टीमें गठित कर वाहन की तलाश शुरू कराई।
रविवार देर रात करीब 2 बजे हरदा-नेमावर हाईवे पर संदिग्ध आयशर वाहन को रोकने की कोशिश की गई। खातेगांव TI दिलीप पुरी ड्राइवर को नीचे उतरने के लिए कहने पहुंचे। इसी दौरान दोनों के बीच झूमाझटकी होने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि ड्राइवर ने वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे TI नीचे गिर गए और पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया।


298 पेटी शराब मिलने की जानकारी
घटना में शामिल आयशर वाहन का नंबर MP 43 H 4786 बताया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन से करीब 298 पेटी शराब बरामद हुई है। आबकारी अधिकारी पूजा गहलोत के मुताबिक, वाहन के नीचे एक गुप्त कंपार्टमेंट भी मिला, जिसमें शराब की पेटियां रखी थीं। वाहन के पास वैध परमिट नहीं मिला। पेटियों पर लगे लेबल के आधार पर शराब खरगोन की ब्रेवरीज की बताई जा रही है।

शराब कारोबारी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
आलीराजपुर पुलिस ने ट्रक मालिक और शराब कारोबारी कैरम सिंह को बेहडवा गांव से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि वह अपनी कार से ट्रक के आगे चल रहा था और घटना के बाद फरार हो गया था।
पुलिस अब शराब के स्रोत, परिवहन और तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है। टिमरनी क्षेत्र के कुछ शराब कारोबारियों और अन्य लोगों से पूछताछ की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, राजनीतिक संबंधों और कुछ व्यक्तियों की भूमिका को लेकर किए जा रहे दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
2007 बैच के अधिकारी थे दिलीप पुरी
TI दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के उप निरीक्षक थे। वे इंदौर के हीरानगर और चंदननगर थानों में भी पदस्थ रह चुके थे। वे मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। पुलिस ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
इस मामले की जांच में शराब की आपूर्ति, वाहन के गुप्त कंपार्टमेंट और तस्करी से जुड़े लोगों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
