मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में महिला सशक्तिकरण और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आधुनिक मशीनों से तैयार होता है पोषण आहार
समूह की सदस्य चम्पा चौहान के मुताबिक, महिलाएं गेहूं, चना, सोयाबीन और अन्य आवश्यक सामग्रियों की सफाई, भुनाई, पिसाई और छनाई करती हैं। इसके बाद निर्धारित अनुपात में सामग्री को मिक्सिंग मशीन से मिलाकर पैकिंग की जाती है। तैयार पोषण आहार की आपूर्ति आंगनबाड़ी केंद्रों से प्राप्त मांग के अनुसार की जाती है।
इस काम से महिलाओं को नियमित आय के साथ उत्पादन, पैकेजिंग और वितरण का अनुभव भी मिल रहा है। समूह को हर महीने लगभग 50 हजार रुपये तक का मुनाफा हो रहा है, जिससे महिलाओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
2,709 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 10 समूह चयनित
रायगढ़ जिले के 2,709 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए रेडी-टू-ईट पोषण आहार तैयार करने हेतु 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। चयनित समूहों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के तहत पूंजीगत सब्सिडी भी दी जा रही है।
इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को गांव के आसपास रोजगार मिल रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं तक पूरक पोषण आहार पहुंचाने में भी मदद मिल रही है। सरस्वती समूह की सफलता महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और पोषण सुरक्षा को एक साथ बढ़ावा देने का उदाहरण बन रही है।
