जब भी कचौड़ी का जिक्र होता है, तो आमतौर पर आलू, प्याज या दाल से भरी चटपटी कचौड़ी का ख्याल आता है। लेकिन राजस्थान के जोधपुर की मशहूर मावा कचौड़ी इस पारंपरिक स्वाद से बिल्कुल अलग है। यह नमकीन नहीं, बल्कि एक खास मिठाई है, जिसमें मावे और मेवों की मिठास के साथ खस्ता बाहरी परत और मीठी चाशनी का अनोखा मेल मिलता है।
जोधपुरी मावा कचौड़ी का स्वाद खास मौकों और त्योहारों की मिठास को और बढ़ा सकता है। इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा मुश्किल सामग्री की जरूरत नहीं होती। मैदा, मावा, चीनी, मेवे और घी की मदद से आप घर पर भी हलवाई जैसी खस्ता और रसीली मावा कचौड़ी तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी।
जोधपुरी मावा कचौड़ी बनाने के लिए सामग्री
कचौड़ी का आटा तैयार करने के लिए:
- 2 कप मैदा
- 4 बड़े चम्मच देसी घी (मोयन के लिए)
- आटा गूंथने के लिए पानी
स्टफिंग के लिए:
- 1 कप ताजा मावा
- आधा कप पिसी हुई चीनी
- बारीक कटे हुए बादाम और काजू
- आधा चम्मच इलायची पाउडर
चाशनी के लिए:
- 1 कप चीनी
- आधा कप पानी
- एक चुटकी केसर
जोधपुरी मावा कचौड़ी बनाने की आसान विधि
1. सबसे पहले तैयार करें आटा और स्टफिंग
एक बर्तन में मैदा लेकर उसमें देसी घी डालें और अच्छी तरह मिलाएं। जब मैदा मुट्ठी में दबाने पर बंधने लगे, तो थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर मुलायम आटा गूंथ लें। इसे सूती कपड़े से ढककर 20 मिनट के लिए रख दें।
अब एक पैन में मावा डालकर धीमी आंच पर हल्का गुलाबी होने तक भूनें। मावा ठंडा होने के बाद इसमें पिसी हुई चीनी, कटे हुए बादाम-काजू और इलायची पाउडर मिलाएं। इस तरह कचौड़ी की मीठी स्टफिंग तैयार हो जाएगी।
2. कचौड़ियों में भरें मावे की स्टफिंग
तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई को उंगलियों की मदद से थोड़ा फैलाएं और बीच में एक चम्मच मावे की स्टफिंग रखें। अब आटे के किनारों को समेटकर अच्छी तरह बंद कर दें। इसे हथेलियों से हल्का दबाकर कचौड़ी का आकार दें।
3. धीमी आंच पर तलें कचौड़ियां
एक कड़ाही में घी हल्का गर्म करें और तैयार कचौड़ियों को धीमी आंच पर सुनहरा और खस्ता होने तक तलें। ध्यान रखें कि आंच तेज न हो, क्योंकि ऐसा करने पर कचौड़ियां बाहर से पक सकती हैं, जबकि अंदर से कच्ची रह सकती हैं।
4. तैयार करें केसर वाली चाशनी
कचौड़ियां तलने के साथ ही एक दूसरे बर्तन में चीनी और पानी मिलाकर गर्म करें। इसे एक तार की चाशनी बनने तक पकाएं। इसके बाद इसमें एक चुटकी केसर डाल दें।
5. चाशनी में डुबोकर करें तैयार
जब कचौड़ियां अच्छी तरह तल जाएं, तो उन्हें हल्की गर्म चाशनी में 2 से 3 मिनट के लिए डुबोकर रखें। इससे चाशनी की मिठास कचौड़ियों के अंदर तक पहुंच जाएगी।
इस तरह तैयार होगी हलवाई जैसी मावा कचौड़ी
अब आपकी खस्ता और रसीली जोधपुरी मावा कचौड़ी तैयार है। इसे प्लेट में निकालकर ऊपर से चांदी का वर्क या कटे हुए पिस्ते से सजा सकते हैं। त्योहारों, खास मौकों या घर पर मेहमानों के लिए यह पारंपरिक राजस्थानी मिठाई एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
