भारतीय घरों में बेसन का इस्तेमाल केवल खाने के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा की देखभाल के लिए भी लंबे समय से किया जाता रहा है। कोई इसे दही के साथ मिलाकर लगाता है, तो कोई हल्दी और दूध के साथ उबटन तैयार करता है। माना जाता है कि बेसन त्वचा से अतिरिक्त तेल और सतह पर जमा गंदगी हटाने में मदद कर सकता है। लेकिन क्या रोजाना चेहरे पर बेसन लगाना सही है? क्या इससे मुंहासे, दाग-धब्बे और टैनिंग भी दूर हो सकती है?
त्वचा की देखभाल में बेसन का असर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और इस्तेमाल करने के तरीके पर निर्भर करता है। यह कुछ लोगों के लिए हल्के क्लींजिंग पैक की तरह काम कर सकता है, लेकिन इसे त्वचा संबंधी समस्याओं का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। आइए जानते हैं चेहरे पर बेसन लगाने के संभावित फायदे, इस्तेमाल का सही तरीका और जरूरी सावधानियां।
चेहरे पर बेसन लगाने के क्या फायदे हैं?
1. अतिरिक्त तेल हटाने में मदद
तैलीय त्वचा पर कुछ समय बाद चिपचिपापन महसूस हो सकता है। बेसन त्वचा की सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल को सोखने में मदद कर सकता है। इससे चेहरा कुछ समय के लिए कम तैलीय और साफ महसूस हो सकता है। हालांकि, यह त्वचा में तेल बनने की प्रक्रिया को स्थायी रूप से नियंत्रित नहीं करता।
2. त्वचा की सतह की सफाई
बेसन से तैयार फेस पैक त्वचा की सतह पर जमा कुछ गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाने में मदद कर सकता है। इससे त्वचा साफ महसूस हो सकती है। लेकिन बेसन को चेहरे पर जोर-जोर से रगड़ना ठीक नहीं है, क्योंकि इससे त्वचा में जलन, रूखापन और संवेदनशीलता बढ़ सकती है।
3. बेजान त्वचा को ताजा दिखाने में मदद
त्वचा की सतह पर अतिरिक्त तेल और गंदगी जमा होने से चेहरा बेजान नजर आ सकता है। बेसन का हल्का फेस पैक त्वचा की सफाई में मदद कर सकता है, जिससे चेहरा अस्थायी रूप से अधिक ताजा दिखाई दे सकता है। हालांकि, इससे त्वचा का प्राकृतिक रंग बदलने या गोरा होने की गारंटी नहीं मिलती।
4. त्वचा को मुलायम महसूस कराने में मदद
बेसन को दही जैसे किसी उपयुक्त घटक के साथ मिलाकर लगाने से कुछ लोगों की त्वचा साफ और मुलायम महसूस हो सकती है। लेकिन इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा नहीं होता। रूखी और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को इसका इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
चेहरे पर बेसन लगाने का सही तरीका
अगर आप बेसन का फेस पैक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इसे बहुत सारी सामग्री के साथ मिलाने की जरूरत नहीं है। एक साधारण मिश्रण से शुरुआत की जा सकती है।
आवश्यक सामग्री:
- 1 बड़ा चम्मच बारीक बेसन
- 1 से 2 चम्मच सादा पानी या त्वचा के अनुकूल दही
बनाने और लगाने का तरीका:
- एक साफ कटोरी में बेसन लें।
- इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी या दही मिलाकर चिकना पेस्ट तैयार करें।
- साफ चेहरे पर इसकी पतली परत लगाएं। आंखों और होंठों के आसपास लगाने से बचें।
- इसे लगभग 5 से 10 मिनट तक रखें। त्वचा में खिंचाव महसूस होने या पैक पूरी तरह सूखने से पहले धो लें।
- सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से चेहरा साफ करें। त्वचा को जोर से न रगड़ें।
- चेहरा पोंछने के बाद अपनी त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर लगाएं।
पहली बार इस्तेमाल करने से पहले उत्पाद या मिश्रण को त्वचा के छोटे हिस्से पर आजमाएं। लालिमा, खुजली या जलन होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर दें। ध्यान रखें कि पैच टेस्ट से प्रतिक्रिया का जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं होता।
क्या रोजाना चेहरे पर बेसन लगाना सही है?
रोजाना बेसन का फेस पैक लगाना जरूरी नहीं है। बार-बार इस्तेमाल करने या त्वचा को रगड़ने से त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। इसके कारण रूखापन, जलन और संवेदनशीलता बढ़ने की आशंका रहती है।
तैलीय त्वचा वाले कुछ लोग बेसन का कभी-कभार इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते इससे कोई परेशानी न हो। वहीं, रूखी, संवेदनशील या मुंहासों से प्रभावित त्वचा पर इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। यदि त्वचा पर पहले से जलन, घाव या सूजन है, तो ऐसे घरेलू फेस पैक लगाने से बचें।
त्वचा के प्रकार के अनुसार रखें सावधानी
तैलीय त्वचा: बेसन सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल हटाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसे लंबे समय तक लगाए रखने से बचें और इस्तेमाल के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं।
रूखी त्वचा: बेसन से त्वचा में रूखापन बढ़ सकता है। ऐसे में नियमित मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी है। यदि पैक लगाने के बाद खिंचाव महसूस हो, तो इसका उपयोग बंद कर दें।
संवेदनशील त्वचा: प्राकृतिक सामग्री से बने फेस पैक भी कुछ लोगों में एलर्जी या जलन पैदा कर सकते हैं। इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट करें और प्रतिक्रिया होने पर इसे न लगाएं।
मुंहासों वाली त्वचा: बेसन मुंहासों का प्रमाणित इलाज नहीं है। सक्रिय मुंहासों पर इसे रगड़ने से जलन बढ़ सकती है। मुंहासे लगातार बने रहें या गंभीर हों, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्या बेसन से टैनिंग और दाग-धब्बे दूर होते हैं?
बेसन लगाने के बाद त्वचा साफ या कुछ हद तक चमकदार दिखाई दे सकती है, लेकिन टैनिंग, पुराने दाग-धब्बों और गहरे पिगमेंटेशन को पूरी तरह दूर करने के लिए बेसन के प्रभाव के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इन समस्याओं के इलाज के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है।
धूप के कारण होने वाले नुकसान और त्वचा की रंगत असमान होने से बचाव के लिए रोजाना कम से कम SPF 30 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इस्तेमाल करना उपयोगी है। बाहर रहने पर इसे निर्देशों के अनुसार दोबारा लगाना भी जरूरी है।
अगर चेहरे पर लंबे समय से दाग-धब्बे हैं, मुंहासे बार-बार निकलते हैं या त्वचा की रंगत असमान हो रही है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। समस्या के कारण के अनुसार उपचार चुनना अधिक प्रभावी हो सकता है।
बेसन का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- बेसन को चेहरे पर जोर-जोर से न रगड़ें।
- फेस पैक को पूरी तरह सूखने तक लगाए रखना जरूरी नहीं है।
- जलन, खुजली या लालिमा होने पर तुरंत धो लें और दोबारा इस्तेमाल न करें।
- नींबू या अन्य जलन पैदा करने वाली सामग्री मिलाने से बचें।
- त्वचा की नियमित सफाई, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन को प्राथमिकता दें।
