धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम मेघा स्थित मातारानी पेट्रोल पंप में आगजनी के मामले में पुलिस ने 47 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले पेट्रोल नोजल में आग लगाने की कोशिश की। इसमें सफल नहीं होने पर उसने परिसर में खड़ी दो मोटरसाइकिलों को माचिस से आग लगा दी और मौके से फरार हो गया। घटना 1 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1:30 बजे की बताई गई है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान जीवन निषाद, निवासी वार्ड क्रमांक 1, मेघा के रूप में की है। आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल माचिस और वारदात के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए हैं।
पेट्रोल नोजल में आग लगाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, 1 अक्टूबर की देर रात जीवन निषाद मातारानी पेट्रोल पंप परिसर में पहुंचा। उसने कथित तौर पर पेट्रोल नोजल में आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफल नहीं हो सका।
इसके बाद उसने परिसर में खड़ी दो मोटरसाइकिलों को निशाना बनाया और माचिस से उनमें आग लगा दी। घटना के बाद आरोपी मौके से निकल गया। पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत पर मगरलोड थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
बच्ची की मौत से नाराज था आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आगजनी की कथित वजह भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को पेट्रोल पंप के सामने खुले नाले में एक बच्ची गिर गई थी। उस समय बाढ़ के पानी का तेज बहाव था और बच्ची पानी में बह गई थी। बाद में उसका शव बरामद हुआ था।
पुलिस का कहना है कि जीवन निषाद इस घटना के लिए पेट्रोल पंप प्रबंधन को जिम्मेदार मानता था। इसी बात को लेकर उसके मन में नाराजगी थी और उसने गुस्से में पेट्रोल पंप परिसर में आगजनी की।
हालांकि, पेट्रोल पंप प्रबंधन की भूमिका या बच्ची की मौत के लिए किसी की जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण इस आगजनी मामले की पुलिस जांच से अलग विषय है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने अपनी नाराजगी के चलते यह कदम उठाने की बात पुलिस पूछताछ में बताई है।
माचिस और कपड़े पुलिस ने किए जब्त
मगरलोड पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल माचिस और वारदात के समय पहने गए कपड़े जब्त किए हैं। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की गई है।
पुलिस ने की कानून हाथ में न लेने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी घटना से नाराज या आक्रोशित होने पर कानून अपने हाथ में न लें। किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ शिकायत होने पर पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
