IIT दिल्ली में करीब डेढ़ महीने के अंतराल में दूसरे छात्र की मौत का मामला सामने आया है। बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग में PhD कर रहे छात्र मनीष आनंद की AIIMS ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद संस्थान में छात्रों पर मानसिक दबाव और उनकी चुनौतियों को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं।
18 अगस्त को निगली थीं नींद की गोलियां
जानकारी के मुताबिक, मनीष आनंद ने 18 अगस्त को नींद की गोलियां निगल ली थीं। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली स्थित AIIMS के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ICU में भर्ती किया।
करीब डेढ़ महीने तक उनका इलाज चला, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
कटवारिया सराय में PG में रहते थे
मनीष आनंद IIT दिल्ली के पास कटवारिया सराय इलाके में स्थित एक PG में रहते थे। 18 अगस्त को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, मनीष ने कथित तौर पर तनाव के चलते नींद की गोलियां खाई थीं। इसी आधार पर मामले को आत्महत्या की कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनकी मौत की परिस्थितियों और पूरे घटनाक्रम की पुलिस जांच कर रही है।
डेढ़ महीने में दूसरा छात्र
IIT दिल्ली में कम समय के अंतराल में छात्र की दूसरी मौत ने कैंपस में मानसिक दबाव और छात्रों के सामने आने वाली व्यक्तिगत व शैक्षणिक चुनौतियों पर चर्चा तेज कर दी है।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारण और घटनाक्रम से जुड़ी अन्य जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
