कोटा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय स्कूली छात्रा की आत्महत्या के मामले में मर्ग जांच के बाद पुलिस ने एक युवक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार जांच में युवक के नाबालिग छात्रा के लगातार संपर्क में रहने, स्कूल आते-जाते समय उसका पीछा करने और मोबाइल पर बातचीत करने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस का आरोप है कि युवक छात्रा के स्वजन की गैरमौजूदगी में घर में प्रवेश कर उसे डराता-धमकाता था और मानसिक रूप से परेशान करता था। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 107 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
20 जून को छात्रा ने की थी आत्महत्या
कोटा थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज के मुताबिक, 20 जून को 16 वर्षीय छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा के संपर्क में रहने वाले लोगों और उसके स्वजन से पूछताछ की। इसके साथ ही पुलिस ने संदेही युवक पीनू उर्फ वरुण गंधर्व के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगाला।
CDR और बयानों से मिली अहम जानकारी
मर्ग जांच के दौरान मोबाइल CDR, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, इनसे नाबालिग छात्रा और युवक के बीच बातचीत होने की जानकारी सामने आई।
जांच में यह आरोप भी सामने आया कि युवक स्कूल आने-जाने के दौरान छात्रा का पीछा करता था। इसके अलावा, स्वजन की गैरमौजूदगी में घर में घुसकर छात्रा को डराने-धमकाने और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप की भी जांच की गई।
पुलिस ने शुरू की आगे की विवेचना
मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोटा पुलिस ने युवक के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
